Quran with Hindi translation - Surah Al-hajj ayat 40 - الحج - Page - Juz 17
﴿ٱلَّذِينَ أُخۡرِجُواْ مِن دِيَٰرِهِم بِغَيۡرِ حَقٍّ إِلَّآ أَن يَقُولُواْ رَبُّنَا ٱللَّهُۗ وَلَوۡلَا دَفۡعُ ٱللَّهِ ٱلنَّاسَ بَعۡضَهُم بِبَعۡضٖ لَّهُدِّمَتۡ صَوَٰمِعُ وَبِيَعٞ وَصَلَوَٰتٞ وَمَسَٰجِدُ يُذۡكَرُ فِيهَا ٱسۡمُ ٱللَّهِ كَثِيرٗاۗ وَلَيَنصُرَنَّ ٱللَّهُ مَن يَنصُرُهُۥٓۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَقَوِيٌّ عَزِيزٌ ﴾
[الحج: 40]
﴿الذين أخرجوا من ديارهم بغير حق إلا أن يقولوا ربنا الله ولولا﴾ [الحج: 40]
Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed ये वे लोग है जो अपने घरों से नाहक़ निकाले गए, केवल इसलिए कि वे कहते है कि "हमारा रब अल्लाह है।" यदि अल्लाह लोगों को एक-दूसरे के द्वारा हटाता न रहता तो मठ और गिरजा और यहूदी प्रार्थना भवन और मस्जिदें, जिनमें अल्लाह का अधिक नाम लिया जाता है, सब ढा दी जातीं। अल्लाह अवश्य उसकी सहायता करेगा, जो उसकी सहायता करेगा - निश्चय ही अल्लाह बड़ा बलवान, प्रभुत्वशाली है |
Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi ye vah (mazaloom hain jo bechaare) sirph itanee baat kahane par ki hamaara paravaradigaar khuda hai (naahaq) apane-apane gharon se nikaal die gaye aur agar khuda logon ko ek doosare se door dapha na karata rahata to giraje aur yahoodiyon ke ibaadat khaane aur majoos ke ibaadatakhaane aur masjid jinamen kasarat se khuda ka naam liya jaata hai kab ke kab dhaha die gae hote aur jo shakhs khuda kee madad karega khuda bhee alabatta usakee madad zaroor karega beshak khuda zaroor zabaradast gaalib hai |
Suhel Farooq Khan And Saifur Rahman Nadwi ये वह (मज़लूम हैं जो बेचारे) सिर्फ इतनी बात कहने पर कि हमारा परवरदिगार खुदा है (नाहक़) अपने-अपने घरों से निकाल दिए गये और अगर खुदा लोगों को एक दूसरे से दूर दफा न करता रहता तो गिरजे और यहूदियों के इबादत ख़ाने और मजूस के इबादतख़ाने और मस्जिद जिनमें कसरत से खुदा का नाम लिया जाता है कब के कब ढहा दिए गए होते और जो शख्स खुदा की मदद करेगा खुदा भी अलबत्ता उसकी मदद ज़रूर करेगा बेशक खुदा ज़रूर ज़बरदस्त ग़ालिब है |